॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः ॥आस्था · ज्ञान · संस्कृति · सेवा ✦ A DIGITAL SANATAN JOURNEY
Saints & wisdom · संत वाणी

विचार जो अंतरमन को जगाएँ

भारत की संत परंपरा ने भक्ति, विवेक, करुणा और मानवता की सेवा के सूत्र दिए। इन्हीं शिक्षाओं से जीवन को दिशा देने का विनम्र प्रयास।

मुखपृष्ठ/संत वाणी
संत वाणी
॥ सत्यम् शिवम् सुन्दरम् ॥
Wisdom through ages · चिंतन परंपरा

महापुरुषों के विचार, जीवन का प्रकाश

यहाँ मूल उद्धरणों के बजाय संतों और मनीषियों की शिक्षाओं का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

शं॥
अद्वैत वेदांत

आदि शंकराचार्य

अद्वैत वेदांत की परंपरा में आत्मा और ब्रह्म की एकता के विचार को विशेष महत्त्व दिया जाता है। उनका दार्शनिक कार्य भारतीय चिंतन की प्रमुख धरोहर है।

अद्वैत · विवेक · आत्मबोध
क॥
निर्गुण भक्ति

संत कबीर

कबीर की वाणी आडंबर से ऊपर उठकर प्रेम, सहज साधना और मनुष्य की अंतःशुद्धि का संदेश देती है। उनकी रचनाएँ सामाजिक आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती हैं।

प्रेम · सहजता · समता
तु॥
रामभक्ति साहित्य

गोस्वामी तुलसीदास

रामचरितमानस के माध्यम से तुलसीदास ने मर्यादा, करुणा, कर्तव्य और श्रीराम के आदर्शों को लोकभाषा में व्यापक रूप से पहुँचाया।

मर्यादा · लोकमंगल · भक्ति
वि॥
वेदांत एवं मानव-सेवा

स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद ने आत्मविश्वास, चरित्र-निर्माण, आध्यात्मिकता और मानवता की सेवा पर बल दिया। उनका चिंतन आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।

शक्ति · सेवा · आत्मविश्वास
Shlok of the day · शाश्वत संदेश

उद्धरेदात्मनात्मानं
नात्मानमवसादयेत्।

मनुष्य स्वयं अपने मन और प्रयास से अपना उत्थान करे, स्वयं को गिरने न दे।

— श्रीमद्भगवद्गीता 6.5, भावार्थ
ॐज्ञानम् परमं बलम्
Satsang & conversation · एक भावी पहल

विद्वानों और संतों के
सान्निध्य की ओर

शास्त्रार्थ, सत्संग, दर्शन और प्रेरक जीवन प्रसंगों के माध्यम से प्रामाणिक ज्ञान को सुलभ बनाना हमारा उद्देश्य है। भविष्य में यहाँ संवादों और प्रवचनों का संपादित संग्रह प्रस्तुत किया जा सकता है।

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क्या ये संतों के मूल उद्धरण हैं?+

इस पृष्ठ पर संतों के विचारों का सरल भावार्थ दिया गया है, उनके नाम से शब्दशः उद्धरण नहीं। जहाँ मूल श्लोक उद्धृत है, वहाँ ग्रंथ और संदर्भ दिए गए हैं।

संत-सान्निध्य अनुभाग में क्या आएगा?+

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